Din aa Gaye Basant Ke

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Din aa Gaye Basant Ke

अनायास टूट गये संयम व्रत संत के ।
लगता है मादक दिन आ गये बसंत के ॥

वन उपवन सुमन खिले मधुकर गुंजा

ऋतुराज बसंत(RituRaaj Basant)

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ऋतुराज बसंत(RituRaaj Basant)

धरती ने ओढ़े पीत वस्त्र
मौसम ने बदली है करवट
कलियाँ देखो खिल गईं सर्वत्र
बसंत ऋतु क

Chandan Gandh

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14 -Feb-2016 Shash Padha Basant Poem 0 Comments  975 Views
Chandan Gandh

चंदन गंध बिखेरे कोई
केसर रंग उड़ेले कोई
डार-डार पे यौवन छाया
कैसे रहे अकेले कोई ?

रूप वासंती हुआ

Saraswati Vandana..

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Saraswati Vandana..

मात सरस्वती पावन वर दो, हम अच्छे इन्सान बनें,
सत्य, अहिंसा, प्रेम मार्ग पर तत्पर हों, बलवान बनें .

Rituraaj Basant

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Rituraaj Basant

ऋतुओं का राजा बसंत, है सेना लेकर आया,
चतुरंगी सेना१ का यौवन, मौसम पर है छाया.
हाथी जैसा मन चलता, मं

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