ये तो उसके फितरत की बात थी "रहस्य "

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10 -Jul-2017 रहस्य Bewafai Poems 0 Comments  92 Views
ये तो उसके फितरत की बात थी

ये तो उसके फितरत की बात थी "रहस्य "

चाहतें रहना उनको ये मेरी चाहत की बात थी ,
जफा करना ये तो उसके फि

किस गलतफहमी में जीता रहा

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03 -Jul-2017 रहस्य Bewafai Poems 0 Comments  87 Views
किस गलतफहमी में जीता रहा

किस गलतफहमी में जीता रहा "रहस्य "

जिसे वो अपनी किस्मत की लकीर समझता रहा ,
उसे नहीं पता की वो किस

दिल में बसाले वो मेहमान "रहस्य "

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27 -Jun-2017 रहस्य Bewafai Poems 0 Comments  47 Views
दिल में बसाले वो मेहमान

दिल में बसाले वो मेहमान "रहस्य "

जैसा चाहा वैसा उन्हें यार न मिला ,
दिल में बसाले वो मेहमान न मिला

कैसे फिर तूझसे प्यार " रहस्य "

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27 -Jun-2017 रहस्य Bewafai Poems 0 Comments  67 Views
कैसे फिर तूझसे प्यार

कैसे फिर तूझसे प्यार " रहस्य "

फिर कैसे तूझ पर ऐतबार कर लेते,
कैसे फिर तूझसे प्यार कर लेते,,
"""""""""

तुझे याद कुछ तो होगा

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27 -May-2017 अमर Bewafai Poems 0 Comments  123 Views
तुझे याद कुछ तो होगा

मेरा नाम न सही
तुझे याद कुछ तो होगा
मेरी बात ना सही
तेरा हाल कुछ तो होगा

मेरा ग़म मुझे मुबारक़
ते

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