किसी बाग के कांटे नहीं कलियां है बेटियां।

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25 -May-2017 HARIOM AGRAWAL Daughter Poems 0 Comments  10 Views
किसी बाग के कांटे नहीं कलियां है बेटियां।

हर घर में छा जाती है वीरानीयत सदा।
किसी बाग के कांटे नहीं कलियां है बेटियां।।
मां की सहेली पापा

बरसों के बाद

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09 -May-2017 Anju Goyal Daughter Poems 0 Comments  21 Views
बरसों  के  बाद

बड़ी  ख्वाहिशो  से
जन्मी  थी  बरसों के बाद 
एक  नन्ही सी परी
जिसका  रंग  था  काला......

देखकर  उसका  

जन्मी थी नन्ही परी

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09 -May-2017 Anju Goyal Daughter Poems 0 Comments  9 Views
जन्मी थी  नन्ही  परी

बड़ी  ख्वाहिशो  से
जन्मी  थी  बरसों के बाद 
एक  नन्ही सी परी
जिसका  रंग  था  काला......

देखकर  उसका  

मैं झांसी वाली रानी हूं

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01 -May-2017 Adityaraj Daughter Poems 0 Comments  56 Views
मैं झांसी वाली रानी हूं

"कन्या श्री " से मान मैं पाकर
मां भारती की लाज बचाने आई हूं,
'लुटती अस्मत लगती कीमत '
पर वार मैं कर

बेटी का कमाल

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15 -Apr-2017 Anju Goyal Daughter Poems 0 Comments  66 Views
बेटी  का  कमाल

 जिस  बेटी  के  जन्म  पर
 माता  पिता  ने  शोक  मनाया 
 आज  बड़ी  होकर   उसने 
 माता पिता का मान  बढ़ा

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