इस दिवाली में

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14 -Nov-2016 gopal krishna Diwali Poem 0 Comments  156 Views
इस दिवाली में

इस दिवाली में

एक दीप जले उम्मीदों की,
इस दिवाली में।

दिन दुखियो के कष्ट हरे,
इस दिवाली में।

कलयुग और सतयुग

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29 -Oct-2016 Mamta Rani Diwali Poem 0 Comments  231 Views
कलयुग और सतयुग

कलयुग का अंत होने वाला है,
सतयुग आने वाला है।
कलयुग में तो पाप् हिंसा बढ़ गया है,
कलयुग में तो लो

*इस बार दिवाली सीमा पर*

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29 -Oct-2016 Anand Vishvas Diwali Poem 1 Comments  343 Views
*इस बार दिवाली सीमा पर*

*इस बार दिवाली सीमा पर*
...आनन्द विश्वास

इस बार दिवाली सीमा पर,
है खड़ा मवाली सीमा पर।

इसको अब

दिवाली और मेरे शेर

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28 -Oct-2016 Madan Saxena Diwali Poem 0 Comments  278 Views
दिवाली और मेरे शेर

दिवाली और मेरे शेर

दिवाली का पर्व है फिर अँधेरे में हम क्यों रहें
चलो हम अपने अहम् को जलाकर रौश

Aao Diwali Manaaye. आओ दिवाली मनाये

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27 -Oct-2016 satya saroj Diwali Poem 3 Comments  434 Views
Aao Diwali Manaaye. आओ दिवाली मनाये

आओ ऐसे दिवाली मनाएँ
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मिलजुल कर हम सब गाए
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।

अंधकार के साम्राज्य को,

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