इस दिवाली में

0
इस दिवाली में

इस दिवाली में

एक दीप जले उम्मीदों की,
इस दिवाली में।

दिन दुखियो के कष्ट हरे,
इस दिवाली में।

कलयुग और सतयुग

0
कलयुग और सतयुग

कलयुग का अंत होने वाला है,
सतयुग आने वाला है।
कलयुग में तो पाप् हिंसा बढ़ गया है,
कलयुग में तो लो

*इस बार दिवाली सीमा पर*

0
*इस बार दिवाली सीमा पर*

*इस बार दिवाली सीमा पर*
...आनन्द विश्वास

इस बार दिवाली सीमा पर,
है खड़ा मवाली सीमा पर।

इसको अब

दिवाली और मेरे शेर

0
दिवाली और मेरे शेर

दिवाली और मेरे शेर

दिवाली का पर्व है फिर अँधेरे में हम क्यों रहें
चलो हम अपने अहम् को जलाकर रौश

Aao Diwali Manaaye. आओ दिवाली मनाये

2
Aao Diwali Manaaye. आओ दिवाली मनाये

आओ ऐसे दिवाली मनाएँ
*****************
मिलजुल कर हम सब गाए
आओ ऐसे दिवाली मनाए ।

अंधकार के साम्राज्य को,

Is writing is your passion?

Then join us to spread your creativity to world. Registration is absolutely free.