PRAKRITI ( Environment )

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09 -May-2017 Abhineet Tiwary Environment Poems 0 Comments  89 Views
PRAKRITI ( Environment )

Num hui hain ghataye, fir v kyu hain Sukhi ye fizaye;
Kya hai inhe kisi ka intezaar, ya kar rhi hain ye apni udaasi ka izhaar....
Kya sikayate kare ye kisi se,
Koun sunte hain inki pukar.....
Paas hoon main tere , kya tujhe iska ehsaas hai;
Toot

योग बचाएगा पृथ्वी को

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25 -Apr-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Environment Poems 0 Comments  118 Views
योग बचाएगा पृथ्वी को

योग बचाएगा पृथ्वी को
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योग बचाएगा पृथ्वी को , जल्दी इसे बचाना है |
योग चेतना लाना जग में

बना कहाँ से इतना पानी |

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22 -Mar-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Environment Poems 0 Comments  133 Views
बना कहाँ से इतना पानी |

बना कहाँ से इतना पानी |
अग्नि पुंज सी धधक रही थी , जब ये अपनी धरती |
सूरज से ही उपजी थी ये , सूरज सी थी

Atmkatha Kursi ki

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15 -Jan-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Environment Poems 0 Comments  391 Views
Atmkatha Kursi ki

आत्मकथा एक कुर्सी की |
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एक बार जब रात हुई थी , सारी दुनिया सोती थी |
श्यामू ने देखा एक कुर्स

Shauchalya Banwana Hai

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08 -Jan-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Environment Poems 0 Comments  207 Views
Shauchalya Banwana Hai

शौचालय बनवाना है |
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गाँव गाँव बस्ती बस्ती में, नयी चेतना लाना है |
शौचालय बनवाना हमक

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