आंगन

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05 -Mar-2017 Mamta Rani Family Poems 0 Comments  56 Views
आंगन

पहले का वो आँगन,
लगता था कितना प्यारा।


सुबह शाम लगता था,
अपनों का जमावड़ा।

हँसी-ठिठोली होती थ

Parivar

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23 -Jan-2017 Parth Family Poems 0 Comments  373 Views
Parivar

अपनेपन की बगिया है
खुशहाली का द्वार,
जीवन भर की पूँजी है
एक सुखी परिवार ।

मां की ममता में बसता ह

Didi Tum Kitani Achchhi ho

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23 -Jan-2017 Anju Goyal Family Poems 1 Comments  184 Views
Didi Tum Kitani Achchhi ho

साये की तरह साथ रहती हो
मेरी परेशानी को अपना बना लेती हो ।
ध्यान रखती हो हद से ज्यादा
प्यार करती

Do Behane

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22 -Jan-2017 Anju Goyal Family Poems 0 Comments  150 Views
Do Behane

कभी प्यार कभी झगड़ा

पर दोनों का साथ अनोखा

दोनों बहनों मे प्यार अपार
करती मस्ती साथ सा

Apno ki Toli

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09 -Jan-2017 Madhu Family Poems 0 Comments  155 Views
Apno ki Toli

अपनों की टोली

ममता भारद्वाज "मधु " द्वारा रचित

अपनों की टोली हो,
नित हंसी- ठिठोली हो|
मीठी तकरार

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