नमन

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01 -May-2017 Neha Sonali Agrawal Family Poems 0 Comments  213 Views
नमन

मुट्ठी को बंद कर के,
और आँखें अपनी मूंद के,
अपने नन्हे कदमों से
आया मैं इस लोक में,
नये चेहरों से

घर परिवार

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25 -Apr-2017 युवा हिन्दी कवि Family Poems 0 Comments  171 Views
घर परिवार

आज के इस आधुनिक दौर में लोग अपनों के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं,घर परिवार टुटता जा रहा है। एक स

आंगन

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05 -Mar-2017 Mamta Rani Family Poems 0 Comments  340 Views
आंगन

पहले का वो आँगन,
लगता था कितना प्यारा।


सुबह शाम लगता था,
अपनों का जमावड़ा।

हँसी-ठिठोली होती थ

Parivar

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23 -Jan-2017 Parth Family Poems 0 Comments  1,279 Views
Parivar

अपनेपन की बगिया है
खुशहाली का द्वार,
जीवन भर की पूँजी है
एक सुखी परिवार ।

मां की ममता में बसता ह

Didi Tum Kitani Achchhi ho

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23 -Jan-2017 Anju Goyal Family Poems 1 Comments  356 Views
Didi Tum Kitani Achchhi ho

साये की तरह साथ रहती हो
मेरी परेशानी को अपना बना लेती हो ।
ध्यान रखती हो हद से ज्यादा
प्यार करती

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