Bin Beej Ka Phal Hai Kela

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25 -Jun-2016 Suresh Chandra Sarwahara Fruit Poems 0 Comments  305 Views
Bin Beej Ka Phal Hai Kela

बिना बीज का फल है केला
कुछ लम्बा - सा कुछ पतला,
कमर झुका कर तनिक बीच में
रहा उम्र अपनी बतला ।
सचम

Naarangi

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21 -Jun-2016 Suresh Chandra Sarwahara Fruit Poems 0 Comments  174 Views
Naarangi

लाल पीत रंगों से रंगी
फिर भी कहलाती नारंगी,
इसको खाओ तो मन भीतर
बजती खुशियों की सारंगी।
बाहर का

Jaamun Ka Fal Gunkaari

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16 -Jun-2016 Suresh Chandra Sarwahara Fruit Poems 0 Comments  199 Views
Jaamun Ka Fal Gunkaari

वर्षा आई गिरे पेड़ से
गदराए काले जामुन,
इन चिकने स्वादिष्ट फलों को
बीन रहे बच्चे चुन चुन।
खाक

Lichi Ki Madmast Bahaarein

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16 -Jun-2016 Suresh Chandra Sarwahara Fruit Poems 0 Comments  149 Views
Lichi Ki Madmast Bahaarein

तीखी गर्मी के जाते ही
वर्षा की जब पड़े फुहारें,
तब दिखती है बाजारों में
लीची की मदमस्त बहारें।

Angur

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16 -Jun-2016 Suresh Chandra Sarwahara Fruit Poems 1 Comments  259 Views
Angur

लटक रहे हैं हरे सुनहरे
बेलों पर कितने अंगूर,
ताक रहे हैं इनके गुच्छे
पेड़ों पर बैठे लंगूर।
कभ

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