मैं तो दीवानी हरि चरणन की

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18 -Oct-2016 Astha gangwar God Poems 0 Comments  100 Views
मैं तो दीवानी हरि चरणन की

मैं तो दीवानी हरि चरणन की

मोहे जग की सुधि बुधि नाहीं

दुनिया को भूंलू तुझको निहारूं

तुझपे ही

शिव गौरी नन्दन गणेश

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शिव गौरी  नन्दन गणेश

शिव गौरी नन्दन गणेश
तू एक तेरे नाम अनेक
गणपति, गजानन, लम्बोदर
एकदन्त, भालचन्द्र
विध्नकर्

कान्हा

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कान्हा

तेरा रूप अनेक फिर भी तू एक है
तुझे खोजती मेरी निगाहें
कान्हा ! तू रहता कहाँ है
मुरली की मो

ख़ुदा

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ख़ुदा

रात मैंने एक ख़्वाब देखा
ख्वाब में मैंने ख़ुदा को देखा
पूछा मैंने
ए ख़ुदा तू रहता कहाँ है

जयकारा माता रानी का

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जयकारा माता रानी का

जयकारा, लगा लो सारे लोग,
देवी माँ का जयकारा,
ढोल मंजीरा बाजे,
डम डम नगाड़ा बाजे,
घुँघरू की ताल पे

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