ए खुदा ! तू रहता कहाँ है

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ए खुदा ! तू रहता कहाँ है

समुन्दर की ऊँची-ऊँची लहरों
को आते जाते देखती हूँ
उगता सूरज ,चिड़ियों को चहकना
रंग - बिरंगे फ

फिर भी नट नागर .......

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फिर भी नट नागर .......

दुनिया की छोड़ मोह अटारी ,
मोहन मैं तुझसे मिलने आई हूँ,
राधा सा मुझमे रास नहीं है,
मीरा सी मुझमे प्

मैं तो दीवानी हरि चरणन की

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18 -Oct-2016 Astha gangwar God Poems 0 Comments  128 Views
मैं तो दीवानी हरि चरणन की

मैं तो दीवानी हरि चरणन की

मोहे जग की सुधि बुधि नाहीं

दुनिया को भूंलू तुझको निहारूं

तुझपे ही

शिव गौरी नन्दन गणेश

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शिव गौरी  नन्दन गणेश

शिव गौरी नन्दन गणेश
तू एक तेरे नाम अनेक
गणपति, गजानन, लम्बोदर
एकदन्त, भालचन्द्र
विध्नकर्

कान्हा

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कान्हा

तेरा रूप अनेक फिर भी तू एक है
तुझे खोजती मेरी निगाहें
कान्हा ! तू रहता कहाँ है
मुरली की मो

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