Guru ki Mahima

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14 -Dec-2015 PAWAN KOHLI Guru Mahima Poem 0 Comments  841 Views
Guru ki Mahima

जब इंसान मुसीबतो से हार कर भटक जाता है तब उसे सिर्फ प्रभु की याद आती है मन ही मन कहता है प्रभु मेर

सतगुरु जी हृदय विशाल बना दो

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10 -Dec-2015 PAWAN KOHLI Guru Mahima Poem 0 Comments  582 Views
सतगुरु जी हृदय विशाल बना दो

सतगुरु जी हृदय है विशाल आपका, हम पर भी अपनी कृपा कर दो ,
सब सबका भी बने हृदय विशाल ऐसा कोई करिश्मा

SHUKARIYA

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28 -Nov-2015 PAWAN KOHLI Guru Mahima Poem 0 Comments  456 Views
SHUKARIYA

एक बार नहीं दो बार नहीं हर बार बाबा जी आपजी का शुक्रिया ,
बाबा जी आपजी की सिखलाइयो के लिए हर बार शु

गुरु- मुखा तू सत्संग वीच आया कर

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25 -Nov-2015 PAWAN KOHLI Guru Mahima Poem 0 Comments  402 Views
गुरु- मुखा तू सत्संग वीच आया कर

जैसे ही मेरी गुरु-महाराज जी को नमस्कारी करने की बारी आई ,
सतगुरु बाबा जी ने एक पल मुझको ओर मैंने ब

सब मे प्यार ही प्यार हो

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26 -Oct-2015 PAWAN KOHLI Guru Mahima Poem 0 Comments  738 Views
सब मे प्यार ही प्यार हो

नफरत वैर की तोड़ दीवारें, प्यार के पुल बनाते जायें।
सतगुरु का यही फरमान , प्यार की गंगा बहाते जाये

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