मैं भी तो एक इंसान हूं.....!!

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17 -May-2017 pravin tiwari Human Being Poems 0 Comments  86 Views
मैं भी तो एक इंसान हूं.....!!

कंही दिखे ऐसा गरीब अनाथ बच्चा तो उसकी मदद जरूर करना

कोई तो खिलादो मुझे भी एक निवाला प्य

Kya Ab bhi Hm Insaan Hain

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09 -May-2017 Abhineet Tiwary Human Being Poems 0 Comments  29 Views
Kya Ab bhi Hm Insaan Hain

one more poem written by ME.....
I hope, u all like this.
POEM : KYA AB V HM INSAAN HAIN.
KAHA BACHI INSANIYAT HM ME, KHUD KHUDA V DEKH HMEIN HAIRAN HAIN,
KYA AB V HM INSAAN HAIN……
LOG KUTTE KO TO ROTI DE DETE PAR, BHUKHE AAJ V VIRAN HAIN ,

इंसान बन इंसान

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08 -Apr-2017 Alok upadhyay Human Being Poems 0 Comments  90 Views
इंसान बन इंसान

ये हिन्दू
वो मूस्लिम
तूँ ईसाई
वे सिख..,
मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ स्तानीहिन्दु लिख…!
तेरा अल

खुद को शांत

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04 -Apr-2017 anuj bhargava Human Being Poems 0 Comments  55 Views
खुद को शांत

खुद को शांत

दिल रोता है
छ्लक आते हैं आँसू
न किसी को दिखाई देते
बिन किसी को बताए
टपक जाते
बेब

लोग.....

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लोग.....

लोग....

भोले भाले लगते है जो,
बाहर बाहर से लोग.।
जाने कैसे होते होंगे,
अंदर से वो लोग

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