प्यारी सी जुगनू

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प्यारी सी जुगनू

जुग-जुग जुगनू,
प्यारी सी जुगनू।
रात को आती,
दिन को जाती।
तारों सी चमचमाती जुगनू
जुगनू के आने से,

जुगनूँ

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जुगनूँ

जुगनूँ (बाल कविता)
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चमक रहे हैं जुगनूँ टिमटिम
बागों में होते ही शाम,
जैसे नन्ह

Keet Patange

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Keet Patange

अजब-गज़ब सी इनकी दुनिया

कितने सुंदर कीट-पतंगे

अपनी दुनिया में खुश रहते

अपनी दुनिया में ये चंग

Mockdrill

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Mockdrill

चींटी को था चढ़ा बुखार
पारा पहुँचा सौ के पार

पति को उसने फ़ोन लगाया
चींटा बहुत जोर घबराया

पहुँच

Jag Mein Isane Naam Kamaya

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Jag Mein Isane Naam Kamaya

चींटी की छोटी सी काया।
इतनी छोटी बने न साया।

इसने मेहनत करके अपना,
दुनिया भर में राज जमाया।

सा

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