Jab Radha Sabse Hoor Hai

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Jab Radha Sabse Hoor Hai

दिल तो दिल है नही कोई टूर है
प्रेम मोहब्बत में न वो फिर मजबूर है।

कोसती हो क्यों अपने सितमगर को

बाँके से प्रेम

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बाँके से प्रेम

तेरे प्रेम के सहारे...
मेरी साँस अब चलेगी,
जो तू नहीं तो कान्हा,
ये प्राण भी न होंगे...
हम तो तेरे द

Krishn jnm

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Krishn jnm

चारो दिशाए काँप रही थी,कंस के अत्याचारों से
दूषित हो रही थी भूमि बढ़ते पापी विचारो से
भाद्रपद क

Kanha - Budhape Mein

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09 -Sep-2015 MadanMohan Baheti Krishna Janmashtami Poems 0 Comments  462 Views
Kanha - Budhape Mein

कान्हा बूढ़े,राधा बूढी ,कैसी गुजर रही है उन पर
बीते बचपन के गोकुल में,दिन याद आते है रहरह कर
माखनच

Janmashtmi Ka Parv Nirala

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Janmashtmi Ka Parv Nirala

सारी सृष्टि का रखवाला
मोरमुकुटधारी, मुरलीवाला
केशव, माधव, नन्दलाला
मनमोहक छवि, बंसीवाला
गोक

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