Mai anpad hi thik ha

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25 -Jun-2016 Jash Panchi Life Poem 0 Comments  21 Views
Mai anpad hi thik ha

ਮੈਂ ਅਨਪੜ ਹੀ ਠੀਕ ਹਾਂ

ਪੜ੍ਹ ਲਿਖ ਕੇ ਜੇ ਡਾਕਟਰ ਬਣ ਜਾਂਦਾ
ਘਰ ਲੱਖਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਉਜਾੜ ਦਿੰਦਾ
ਪੈਸੇ ਦੇਖ ਮਰ ਜਾ

****** मन चंचल ********

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24 -Jun-2016 Raj Bhandari Life Poem 0 Comments  95 Views
****** मन चंचल ********

चंचल है यह मन,कितना दिन भर, कुछ ,सोचता है ,
और, कमबख्त फिर, ये, लम्बी रातों को,जागता है !!
यूँ ,खूब जानत

रफ्ता रफ्ता !!

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23 -Jun-2016 Raj Bhandari Life Poem 0 Comments  103 Views
रफ्ता रफ्ता !!

रफ्ता रफ्ता, ज्यूँ ज्यूँ ये उम्र बढ़ती जा रही है ,
ज़िंदगी मुझको अपने अलग रंग दिखा रही है ,
यूँ सोचन

Daulat Ki Hawas

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Daulat Ki Hawas

मियां-बीबी दोनों मिल खूब कमाते हैं
तीस लाख का पैकेज दोनोंही पाते हैं
सुबह आठ बजे नौकरियों पर जा

जीवन की आपा-धापी

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जीवन की आपा-धापी

जीवन की आपा-धापी

ममता भारद्वाज " मधु " द्वारा रचित

जीवन की आपा -धापी में,
कब सुबह हुई ,कब शाम हुई

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