ये जीवन क्या है?

0
29 -Aug-2016 Sweeti Kumari Life Poem 0 Comments  50 Views
ये जीवन क्या है?

ये जीवन क्या है,
बस एक ख्वाब की तरह है,
न जाने कब नींद खुल जायेगी

कभी कुछ पा लिए
कभी कुछ छूट गया

Tamam koshishon me nakaam meri jindagi h

0
Tamam koshishon me nakaam meri jindagi h

Tamam koshishon me nakaam meri jindagi h
Har tarah se badnam meri jindagi h
Chalta raha hu abtak
Manjil nahin mili h
Safar bahut hi lamba h
Nikal pada hu apni raah me
Mil jae meri manjil
Jane vo kaun si ghadi h
Jo rasta na ho kabhi khatm,Vo meri jind

कहाँ गया इन्सान

0
14 -Aug-2016 Sachchidanand Shastri Life Poem 0 Comments  108 Views
कहाँ गया इन्सान

मेरे मन के अंतकलश मैं आ गया तूफान रे
कहाँ गया इन्सान रे बन्दे कहाँ गया भगवान रे?
मेरे आँगन के बेल

ग़ज़ल (गज़ब हैं रंग जीबन के)

0
ग़ज़ल (गज़ब हैं रंग जीबन के)

ग़ज़ल (गज़ब हैं रंग जीबन के)

गज़ब हैं रंग जीबन के गजब किस्से लगा करते
जबानी जब कदम चूमे बचपन छूट जाता

Mann Mein Itani Uljhan

0
Mann Mein Itani Uljhan

मन में इतनी उलझन.
जितने सघन. सतपुड़ा वाले वन,
हल्दीघाटी हुई जि़ंदगी
चेरापूंजी हुए. नयन. ।

जयपुर.

Is writing is your passion?

Then join us to spread your creativity to world. Registration is absolutely free.