बिखर गयीं हूँ मैं

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18 -Sep-2017 Jyoti Lonely Poems 0 Comments  33 Views
बिखर  गयीं  हूँ  मैं

बिखर गई हूँ मैं
मुझको न समेटो कोई
फिज़ा में फैली
खुशबू हूँ जैसे कोई

सहम जाती हूँ
यही स

Tum Laut Kar Aaoge

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17 -Sep-2017 Anju Verma Nisha Lonely Poems 0 Comments  12 Views
Tum Laut Kar Aaoge




Khamoshi shabdo ki / ख़ामोशी शब्दों की.......

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02 -Sep-2017 shalu L. Lonely Poems 0 Comments  87 Views
Khamoshi shabdo ki / ख़ामोशी शब्दों की.......

ख़ामोशी शब्दों की.......
खामोश है खुदा से आज बात क्या ज़िक्र भी करना ना चाहे,
उम्मीदों ने बांध रखा था अ

Grandmother

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20 -Aug-2017 Nirmal Mishra Lonely Poems 0 Comments  31 Views
Grandmother

कहाँ हो तुम आओ तो सही कि कोई बिलखता फिर रहा है
मुँह को दबाये,खुद को छुपाये हर शख्स यहाँ सिसकता फि

मैं कौन हूँ....

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मैं कौन हूँ....

स्वयं की खोज.।।।।

मैं कौन हूँ

कभी कभी अनजाने
अहसास में खो जाता हूँ मैं
और कभी संवेदनाओं की
गह

Poemocean Poetry Contest

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