मेरी आँखों से मुझको शिकायत है....!!

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17 -May-2017 pravin tiwari Sad Poems 0 Comments  311 Views
मेरी आँखों से मुझको शिकायत है....!!

मेरी आँखों से मुझको ये शिकायत है
बेवजह क्यूँ इन को छलकने की आदत है

तब आँखें कहती है मुझसे...!

तेरे दिल से बडा गहरा मेरा नाता है...!
मेरी वजह से हि तू सब देख पाता है...!

मेरे वजूद से तेरी जिंदगी का रोशन सबेरा है,
नहीं तो तेरा जिवन सिर्फ रातों का अंधेरा है,

तुझे मंजिल का हर रास्ता मैंने दिखाया है
राह की हर ठोकरों से तुझे बचाया है,

जिस मोहब्बत के तू हसीन नज्में लिखता है
उस मोहब्बत को भी मैंने तेरे दिल से मिलाया है

तेरी जिंदगी में मैनें हर पल तेरा साथ निभाया है
हर गम और खुशि में मैनें तेरे लिए ही तो आँसू बहाया है






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