पूछते हो तुम हमसे

1
पूछते  हो तुम हमसे

पूछते हो तुम हमसे
क्या है राज़ जो तुम छुपाती हो
अपने लफ़्ज़ों से दिल की
बातों को बयां करती

Ek Raaz

0
31 -Jan-2017 DMNPS7464J Miscellaneous Poems 0 Comments  33 Views
Ek Raaz

कहूँ कुछ मैं बातें, अगर राज की
मगर राज शायद न होता कभी,
वो राज, तो राज ही रहा है सदा
राज,
फिर भी कही

Neendon mein rahati thi

1
Neendon mein rahati thi

नींदो में रहती थी ख्वाबो को बुनती थी
ए दिल मैं भी कितनी नादान थी
ये क्या करती थी


वक़्त को हाथो

Rona Aaya

0
10 -Jan-2017 shahista mehzabi Miscellaneous Poems 0 Comments  55 Views
Rona Aaya

उसको मेरे बुरे हालात पे रोना आया ,
मुझको भी उसके सवालात पे रोना आया ।

जानती हूँ तू नहीं करता मोह

Aadami sa Laga

0
Aadami sa Laga

आदमी सा लगा…….।।

बड़ा अजीब मंजर था जानाजे का उसके.।
वहां मौजूद हर सख्श बुझा बुझा सा लगा.।

न पूछ उ

Is writing is your passion?

Then join us to spread your creativity to world. Registration is absolutely free.