हिंदी की लौ को कभी बुझने नहीं देना

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29 -Mar-2016 rajiv sharma masoom Mother Tongue Hindi Poem 1 Comments  1,269 Views
हिंदी की लौ को कभी बुझने नहीं देना

हिंदी की लौ को, कभी बुझने नहीं देना …..

फिर नहीं बजेगा ये डंका, ढोल और नगाड़ा
सुन लो, जान लो, समझ जो

।।राष्ट्रभाषा हिन्दी।।

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।।राष्ट्रभाषा हिन्दी।।

आन-बान-शान,
हमारी अस्मिता की पहचान।
सब दो हिंदी को मान,
नहीं तो होगा राष्ट्रभाषा का अपमान।।

हि

भारत की दुल्हन-हिंदी

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भारत की  दुल्हन-हिंदी

भारत की दुल्हन-हिंदी

ममता भारद्वाज " मधु" द्वारा रचित

अपने भारत की दुल्हन हूँ मैं ,
नाम मेरा

Hindi Ka Astkaal

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Hindi Ka Astkaal

सच्चायी के लिखने पर भी लोग मुझे गाली देते हैं
जो देश को लूट रहे हैं, उस पर सब ताली देते हेैं
मेरा

Hindi

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28 -Sep-2015 TANU VIRMANI Mother Tongue Hindi Poem 0 Comments  1,333 Views
Hindi

hindi se mere hind ki pehchan
hindi hi desh ka swabhimaan

par le tu kitni v angreji
aaj bhi hindi hi gali nukkar ki awaj hai

karle apne gam khushi ka ijhar
hindi hi kregi saral tera har vichar

na kar yun angreji par abhimaan
hindi hi

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