दो अनोखे फरिश्ते

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10 -Jul-2017 Ruchika Srivastava Parents Day Poem 0 Comments  127 Views
दो अनोखे फरिश्ते

माँ ने सराहा है तो पापा ने पुचकारा है,
सब से पहले उन दोनों को ही पुकारा है।
माँ ने प्यार के दामन म

माँ से जन्म पिता का नाम

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25 -Nov-2016 Dheeraj Sharma Parents Day Poem 0 Comments  306 Views
माँ से जन्म पिता का नाम

प्रकृति सदैव माता पर ही ममता का भाव धरती है
प्रेरित उसी की शक्ति से वो शिशु का चाव करती है

पिता

जब वह जिन्दा थे

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27 -Sep-2016 RAKESH RANJAN TIWARI Parents Day Poem 0 Comments  217 Views
जब वह जिन्दा थे

क़द्र नहीं की
जब वह जिन्दा थे
इज्जत नहीं की
जब वह जिन्दा थे
जिंदगी की कश्मकश में परवाह नहीं की

मां बाबा

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09 -Sep-2016 Adityaraj Parents Day Poem 0 Comments  225 Views
मां बाबा

अरे लोगों...

एक बात बताओ..?
प्यार क्या गैरों से ही होती है ?
क्या तुम्हारे बाबा मां कुछ भी नहीं?

वो

OUR GOD...........

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20 -Jun-2016 B.K RACHNA SINGH Parents Day Poem 0 Comments  344 Views
OUR GOD...........

ghadi ki suei jis tharha chalti hai,
jindgi ki sas us tharha ghatti hai,
vakt nahi yaha logo ki pass fhir ,
bhi jane kyu karte hai apna aaj barvad.
jane kyu dolat ke pass jate hai,
jabki wo nahi jati hmare sath,
jane kyu bache maa baap ka apman

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