Samay - Kabhi na rukne wala

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Samay - Kabhi na rukne wala

Samay hai wah jo kabhi rukta nahin,
Vahi hai ko kabhi thamta nahin,
Satata hai hame bahaut,
Rulata hai hume bahaut,
Agar ham ruke toh,
Agge bhag jata hai bahaut,
Milana hoga tumhe isse hath,
Varna nahin dega ye tumhara sath,
Achhe samay ko bh

समय से कौन जीता है समय ने खेल खेले हैं

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समय से कौन जीता है समय ने खेल खेले हैं

ग़ज़ल( समय से कौन जीता है समय ने खेल खेले हैं)

अपनी जिंदगी गुजारी है ख्बाबों के ही सायें में
ख्ब

मेरा आने वाला कल आज ना हो……

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मेरा आने वाला कल आज ना हो……

मुझे पता ना था की
मेरा आज कल सा होगा
जैसे कल रोया था
वैसे आज भी रोना होगा
जो सपने थे कल टूटे
वो आज

गज़ल (समय ये आ गया कैसा )

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गज़ल (समय ये आ गया कैसा )

गज़ल (समय ये आ गया कैसा )

दीवारें ही दीवारें , नहीं दीखते अब घर यारों
बड़े शहरों के हालात कैसे आज बद

Vyarth Na Samay Ganwaao

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Vyarth Na Samay Ganwaao

व्यर्थ न समय गवाँइए, इससे मुँह मत फेर।
मिट्टी को कंचन करे, नहीं लगाता देर।।

समय पड़े पर गधे को, ब

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