नारी की अभिलाषा

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11 -Apr-2017 Anju Goyal Woman Poems 0 Comments  63 Views
नारी की अभिलाषा

 नारी  क्या   चाहे 
 बस प्यार  और  सम्मान 
 नहीं  बर्दाश्त  कर सकती अपमान 
 रखती है  घर  में  सबका  

नारी शक्ति को प्रणाम

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11 -Mar-2017 RAJ Woman Poems 0 Comments  92 Views
नारी शक्ति को प्रणाम

समझो इसे सौभाग्य , मेरा आपका है भाग्य ,
आज एक ऐसा शुभ काम कर लीजिए।
है अखंड निर्माता सारी सृष्टि

Naari nahin kisi nar se kam

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10 -Mar-2017 Anju Goyal Woman Poems 0 Comments  110 Views
Naari nahin kisi nar se kam

नारी नहीं है .....
किसी नर से कम
उसे कम आंकना
पुरुषों का है
सबसे बड़ा भ्रम ।

एक ही नारी के
हो

नारी

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08 -Mar-2017 Jyoti Woman Poems 0 Comments  128 Views
नारी

नारी तुम स्वयं अपनी
पहचान हो
तुम ईश्वर का अनमोल
उपहार हो
तुमसे ही हर रिश्ता है
घर की जान

नारी और वृक्ष

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08 -Mar-2017 Dheeraj Sharma Woman Poems 0 Comments  61 Views
नारी और वृक्ष

सच में नारी और व्रक्ष एक समान ही होते हैं
क्यूंकि दोनों ही तो दुसरों के सुख में खुश होतें हैं
दो

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