Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

ऐ देश के सिपाही// ai desh ke sipahi

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02 -Dec-2019 hamaree_alfaaz 15 August Poem 0 Comments  392 Views
ऐ देश के सिपाही// ai desh ke sipahi

ऐ देश के सिपाही, तुझ पर तो हम फिदा है, तुम हो मेरे सहारा, तु ही मेरे खुदा हो।। ऐ देश के सिपाही, तुझ पर तो हम फिदा है।

वतन की मिट्टी...

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14 -Aug-2019 Sunita Wahal 15 August Poem 0 Comments  434 Views
वतन की मिट्टी...

वतन की मिट्टी... सपने होंगे रंग बिरंगी दिल में होगी परी फ़िरंगी परदेसी दुनिया सतरंगी मुद्रा डौलर की बहुरंगी फ़िर भी कर लो लाख कोशिशें मातृभूमि याद आएगी वतन की मिट्टी तुम्हें बुलाएगी जब-जब होगी हवा बसंती गायेगी कोय

वतन / Watan

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07 -Oct-2018 satyadeo vishwakarma 15 August Poem 0 Comments  755 Views
वतन / Watan

गीता कुरान भी यारों कुर्बान है , जान से अपने प्यारे वतन के लिए। जाके सरहद पे भी जान दे देंगे हम, एक दिन ए खुदा इस चमन के लिए ....... प्रेम की गंगा जमुना बहा देंगे हम, नफ़रतों की शमा को बुझा देंगे हम, छोड़ कर सारी खुशियाँ खुदा

तमन्ना

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03 -Oct-2018 satyadeo vishwakarma 15 August Poem 0 Comments  711 Views
तमन्ना

तमन्ना जी में आता है इस माटी का अरमान हो जाऊँ , फरिश्ता हो नहीं सकता मगर इंसान हो जाऊँ । जहां मजहब भाषा क्षेत्र की चर्चा नहीं होती , इलाही चाहता हूँ खेल का मैदान हो जाऊँ । परिंदे उड़ सकें बेखौफ दिल खोल कर अपना , खुदा उन

Bharat Mata se baatein

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24 -Aug-2018 Rashmi Gupta 15 August Poem 0 Comments  942 Views
Bharat Mata se baatein

इक दिन मै बोली भारत माँ से - इतना संयम, इतना धैर्य, कहा से लाती भारत माता ! सब कुछ सह के, फिर मुस्का के, कैसे रहती भारत माता ! कुछ झिझकी, कुछ सोचने लगी, फिर वो मुझसे यू बोली - दुख के दिन भी देखे मैने, खुशहाली भी देखी है, प्रस

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