Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मेरी मिट्टी

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08 -Sep-2022 Prashant Singh 15 August Poem 0 Comments  87 Views
मेरी मिट्टी

जिंद ले लो,जान ले लो चाहे मेरे हर अरमान ले लो हस्ती-कस्ती मिटा दो मेरी चाहे मेरी हर पहचान ले लो सुख ऐश्वर्य सब ले लो मेरी चाहे मेरी खुशियों की हर दुकान ले लो भर दो नैने नीर से मेरी चाहे मेरी हर मुस्कान ले लो धंस विध्

भारत माँ पे अर्पित कर दूँ

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15 -Aug-2022 Swami Ganganiya 15 August Poem 0 Comments  210 Views
भारत माँ पे अर्पित कर दूँ

मैं अपना जीवन भारत माँ पे अर्पित कर दूँ। हे बलिदानी लोग जहाँ के मैं अपना सारा जीवन वहां समर्पित कर दूँ। हौसले होते है स्वपनों से ऊँचे जहां मैं भी सारा जीवन वहाँ व्यतीत कर दूँ। हे जो दुनिया की नजरों मे सम्मानित जह

वो वीर है

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04 -Feb-2022 Aathrv kumar Dixit 15 August Poem 0 Comments  187 Views
वो वीर है

वो वीर है , जो देश को ऐसी उड़ाने दे गया। पीकर गमों के प्याले को , सबको मुस्काने दे गया।। रात के अंधेरों में , उजाले को दे गया। आसमा पर छाई , काली घटाएं ले गया।। देश प्रेम की वो तूफानी, हवाएं दे गया। बलिदान कर जीवन को , अप

देश की रक्षा करें हम

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17 -Dec-2021 Swami Ganganiya 15 August Poem 0 Comments  229 Views
देश की रक्षा करें हम

देश की रक्षा करें हम ऐसे सिपाही बने हम उन महान वीरों की तरह हो अपने हर करम भारत मां की रक्षा करें हम ऐसे वीर बने हम जन-जन हो सुख में यहा अन्न का हो भण्डार भरा देश हमेशा प्रगति करे हो देश की उन्नति सदा हम ऐसे वीर बने कर

बताते रहें वो हमें जीने के रास्ते।

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29 -Aug-2021 Deepak Tomar 15 August Poem 0 Comments  564 Views
बताते रहें वो हमें जीने के रास्ते।

बताते रहें वो हमें जीने के रास्ते। मगर हम कतरा कतरा मरते रहे वतन के वास्ते। रोती रही आंखे हमारी और दिल में छाले थे। कुछ सफ़ेद पोशकों के लिबास एकदम काले थे। वो जो लड़कर देश की खातिर बूंद-बूंद बह गए। देश की रक्षा करत

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