Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

वो वीर है

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04 -Feb-2022 Aathrv kumar Dixit 15 August Poem 0 Comments  100 Views
वो वीर है

वो वीर है , जो देश को ऐसी उड़ाने दे गया। पीकर गमों के प्याले को , सबको मुस्काने दे गया।। रात के अंधेरों में , उजाले को दे गया। आसमा पर छाई , काली घटाएं ले गया।। देश प्रेम की वो तूफानी, हवाएं दे गया। बलिदान कर जीवन को , अप

देश की रक्षा करें हम

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17 -Dec-2021 Swami Ganganiya 15 August Poem 0 Comments  167 Views
देश की रक्षा करें हम

देश की रक्षा करें हम ऐसे सिपाही बने हम उन महान वीरों की तरह हो अपने हर करम भारत मां की रक्षा करें हम ऐसे वीर बने हम जन-जन हो सुख में यहा अन्न का हो भण्डार भरा देश हमेशा प्रगति करे हो देश की उन्नति सदा हम ऐसे वीर बने कर

बताते रहें वो हमें जीने के रास्ते।

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29 -Aug-2021 Deepak Tomar 15 August Poem 0 Comments  493 Views
बताते रहें वो हमें जीने के रास्ते।

बताते रहें वो हमें जीने के रास्ते। मगर हम कतरा कतरा मरते रहे वतन के वास्ते। रोती रही आंखे हमारी और दिल में छाले थे। कुछ सफ़ेद पोशकों के लिबास एकदम काले थे। वो जो लड़कर देश की खातिर बूंद-बूंद बह गए। देश की रक्षा करत

हिंदुस्तान की शान

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21 -Aug-2021 SURAJ SITAPURI 15 August Poem 0 Comments  516 Views
हिंदुस्तान की शान

है नाज हमे उन वीरों पर दे गए हमें जो कुर्बानी। जो मातृभूमि के लिए मरे सचमुच है वही हिन्दुस्तानी।। वो आजादी के परवाने सीने पर गोली खाते रहे। सौगाते मौत को गले लगा सरहद पर कदम बढ़ाते रहे।। आखिरी साँस तक खूब लड़े वो वी

जश्न-ए-आज़ादी

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13 -Aug-2021 Sandeep Sharma 15 August Poem 0 Comments  371 Views
जश्न-ए-आज़ादी

जिसपर झूले भगत सिंह वो फाँसी तीर्थ से है बढ़कर, शेखर की पिस्तौल स्वयं मंदिर, गुरुद्वारा, गिरिजाघर, नाम कई, संघर्ष कई सब एक दूसरे से ऊपर, वीर जवानों की समाधि पर शीश नवाओ तुम बढ़कर। आज़ादी तब तक है अधूरी जब तक दुश्मन जिंद

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