Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

वतन / Watan

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07 -Oct-2018 satyadeo vishwakarma 15 August Poem 0 Comments  260 Views
वतन / Watan

गीता कुरान भी यारों कुर्बान है , जान से अपने प्यारे वतन के लिए। जाके सरहद पे भी जान दे देंगे हम, एक दिन ए खुदा इस चमन के लिए ....... प्रेम की गंगा जमुना बहा देंगे हम, नफ़रतों की शमा को बुझा देंगे हम, छोड़ कर सारी खुशियाँ खुदा

तमन्ना

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03 -Oct-2018 satyadeo vishwakarma 15 August Poem 0 Comments  326 Views
तमन्ना

तमन्ना जी में आता है इस माटी का अरमान हो जाऊँ , फरिश्ता हो नहीं सकता मगर इंसान हो जाऊँ । जहां मजहब भाषा क्षेत्र की चर्चा नहीं होती , इलाही चाहता हूँ खेल का मैदान हो जाऊँ । परिंदे उड़ सकें बेखौफ दिल खोल कर अपना , खुदा उन

Bharat Mata se baatein

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24 -Aug-2018 Rashmi Gupta 15 August Poem 0 Comments  404 Views
Bharat Mata se baatein

इक दिन मै बोली भारत माँ से - इतना संयम, इतना धैर्य, कहा से लाती भारत माता ! सब कुछ सह के, फिर मुस्का के, कैसे रहती भारत माता ! कुछ झिझकी, कुछ सोचने लगी, फिर वो मुझसे यू बोली - दुख के दिन भी देखे मैने, खुशहाली भी देखी है, प्रस

JanamBhoomi

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24 -Aug-2018 Rashmi Gupta 15 August Poem 0 Comments  189 Views
JanamBhoomi

जन्मभूमी, धर्मभूमी, मातृभूमी है ये हमारी । इस मिट्टी मै पले बड़े है, कृमभूमी ये हमारी । यहाॅ के वीरो कि गाथाओं ने हमारा चरित्र निखारा है । यहाॅ के गृथों और कहानियो ने विचारधारा को संवारा है ।। भगतसिहं आ कर कह गये - शा

आज़ादी का जश्न

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15 -Aug-2018 nil 15 August Poem 0 Comments  385 Views
आज़ादी का जश्न

आज़ादी का जश्न आजादी का जश्न मनाता भारत प्यारा देश बिखर रहा है धरा गगन में आजादी का रंग आँख खोल कर जो भी देखे रह जाएगा दंग राम रहीम के घर आँगन जगर मगर हैं दीप देखो लिखती रात अमावस उजियारे कई टीप गाँव शहर का बदल रहा है

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