Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Bhavishya Ka Hindustan?

0
27 -Jun-2013 AMAR PRAKASH 15 August Poem 0 Comments  5,716 Views
AMAR PRAKASH

ऐसा होगा, वैसा होगा,
लगा रहे हैं सब अनुमान।
दो हज़ार पचास में,
कैसा ? होगा मेरा हिन्दुस्तान।

होंगे देश में ऐसे नेता,
जिनपर होगा हमें गुमान।
देश की सत्ता पर होगी,
काबिल अफसरों की कमान।

कोई भी नहीं, भूखा सोयेगा,
बेबस और लाचारी से।
देश की जनता छुडा ही लेगी,
देश को भ्रष्टाचारी से।

एक किसान भी, मेरे देश में,
न होगा फिर कभी निराश।
धरती फिर सोना उगलेगी,
खूब धन होगा उसके पास।

एक युवक भी, बेकार नहीं,
भटकेगा, शिक्षा के उपरान्त।
सबके पास में होंगी नौकरी,
और, सबकी इच्छाएं होंगी शांत।

रोटी, कपड़ा और मकान पा,
सबके सपने पूरे होंगे।
जाति-धर्म के नाम पर फिर,
कभी नहीं दंगे होंगे।

आशा यही है, मेरे सोने की,
चिड़िया, जैसे देश महान से।
दो हज़ार पचास में, देशवासी चलेंगे,
विश्व में उठाके, सिर अपना शान से।



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017