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Kaise Bheju Aazadi Ki Badhaiyan

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13 -Aug-2015 Amit Agrawal 'Mit' 15 August Poem 1 Comments  5,407 Views
Kaise Bheju Aazadi Ki Badhaiyan

कहते हैं कि 15 अगस्त को, भारत देश आजाद हुआ !
गुलामी की टूटी जंजीरें, नवयुग का शंखनाद हुआ !!
बूढा भारत लेने लगा था, फ़िर से नयी अंगड़ाईयाँ !
तुम ही बताओ कैसे भेजूँ, आजादी की बधाईयाँ !!

भारत माँ के टूकडे हो गये, पाकिस्तान का जन्म हुआ !
आधी रात को खून से लथपथ, मेरा प्यारा वतन हुआ !!
गूँज रही थी लेकिन फ़िर भी, खुशियों की शहनाईयाँ !
तुम ही बताओ कैसे भेजूँ, आजादी की बधाईयाँ !!

रक्तपात और कत्लेआम से, घायल सारी धरती थी !
दिन दहाड़े खुले आम, नारी की अस्मत हरती थी !!
जाने कितने घर उजड़े थे, उजड़ी थी अंगनाईयाँ !
तुम ही बताओ कैसे भेजूँ, आजादी की बधाईयाँ !!

बंटवारे की भगदड़ में, बहनों से भाई छूट गये !
यार दोस्त रिश्ते नाते, सारे हमसायी छूट गये !!
सूनी रह गयी राखी पर, जाने कितनी कलाईयाँ !
तुम ही बताओ कैसे भेजूँ, आजादी की बधाईयाँ !!

आतंकवाद और भ्रष्टाचार का, हर तरफ बोलबाला है !
नक्सलियों ने भारत माँ का, सीना छलनी कर डाला है !!
आज भी खून से लथपथ हैं, मेरे मुल्क की पुरवाईयाँ !
तुम ही बताओ कैसे भेजूँ, आजादी की बधाईयाँ !!



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1 More responses

  • Shubha Mehta
    Shubha Mehta (Registered Member)
    Commented on 13-August-2015

    बहुत सूंदर भावाभिव्यक्ति बहुत ख़ूबसूरती से की गईः है ।.

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