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Gandhi se Mahtma tk

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30 -Sep-2015 Sunny Singh Yadav 2 October Poems 0 Comments  1,626 Views
Sunny Singh Yadav

जहा तक मै उनको समझ पाया
उतना ही खुद को उनसे जुडा पाया
गांधीजी को महात्मा केहने का कारण
मुझको समझ आया

मै बस बाते करता हूॅ सत्य अंहिसा की
उन्होने तो ये सब करके दिखाया
मै बस लडकर छिनना जानता हुॅ
उन्होने तो शांति से दिल जीतना सिखाया

गांधीजी को महात्मा केहने का कारण
मुझको कुछ समझ आया


मै तो रो लेता हुॅ अक्सर खाना न मिलने पर
उनहोने तो सबको उपवास करना सिखाया
मै तो बेबस हो जाता हुॅ खुद को अकेला पाकर
उन्होने तो सबको जोडना सिखाया

गांधीजी को महात्मा केहने का कारण मुझको थोडा और समझ आया

मै तो सोचता हुॅ दुश्मनो को मिटाने की
उन्होने दुश्मनो को दोस्त बनाना सिखाया
वक्त बेवक्त याद करता हुॅ अपने प्यार को
उन्होने तो देश से प्यार करना सिखाया

गांधीजी को महात्मा केहने का कारण मुझको समझ आया

जहा मै जीता हुॅ खुद के लिए
उन्होने औरो के लिए जीना सिखाया
जहा सेहता हुॅ अपने दरद को
उन्होने सबका दरद बटना सिखाया

अब जाना मैने उन्होने कितना कुछ सुनाया
गांधीजी को महात्मा केहने का कारण मुझको पूरा समझ आया
जितना जाना उनको उतना ही सम्मान पाया



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