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आगे बढ़ना हैं..

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04 -Jan-2021 Jugal Milan Countryside Poems 0 Comments  698 Views
Jugal Milan

हम देश के लिए जीते हैं
और देश के लिए मरते हैं
देश से बढ़कर किसी को
हम कुछ नहीं समझते हैं

हम धर्म के लिये जीते है
और अधर्म को मिटाते हैं
सबका मान सम्मान कर
देश की लाज बचाते हैं

जागते हैं या सोते हैं
देश में ही खोये रहते हैं
अपनी पंक्तियों से हम
अलख जगाये रखते हैं

साथ चलसको तो चलना
बढ़ सको तो आगे बढ़ना
बस इतना याद रखना
हमे अब नहीं हैं रूकना

...............
युगलमिलन



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