Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Aai Fir Se Lohri

0
13 -Jan-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Lohri Poems 0 Comments  792 Views
Dr. Roopchandra Shastri Mayank

आई फिर से लोहिड़ी, लेकर नवल उमंग।
अब फिर से बजने लगे, ढोलक और मृदंग।१।
--
पर्व लोहिड़ी का हमें, देता है सन्देश।
मानवता अपनाइए, सुधरेगा परिवेश।२।
--
प्रेम और सद्भाव से, बनते बिगड़े काज।
मूँगफली औ' रेवड़ी, बाँटो सबको आज।३।
--
गुड़ में भरी मिठास है, तिल में होता स्नेह।
खाकर मीठा बोलिए, बना रहेगा नेह।४।
--
बेटी रत्न अमोल है, कुदरत का उपहार।
बेटा-बेटी में करो, समता का व्यवहार।५।

Aai Fir Se Lohri


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017