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आज से पेहले ना थी...

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23 -Nov-2019 HARIOM AGRAWAL Love Poem 0 Comments  350 Views
HARIOM AGRAWAL

कैसे मेहकने लगी ये हवाएं,
आज से पेहले ना थी,
तुमसे हसीन तेरी कातिल अदाएं,
आज से पेहले ना थी...

खुशबु इन कलियों की मेरे इस दिल को,
पेहले सताती ना थी,
मचलने लगी हे दिल की ये धड़कन,
पेहले सताती ना थी,
सताने मानाने की तेरी मेरी बातें,
आज से पेहले ना थी,
तुजसे हसीन तेरी कातिल अदाएं,
आज से पेहले ना थी...

कितनी भी बातें करलु में तुमसे,
दिल मेरा भरता नहीं,
मुश्किल सफर में भी तुम साथ हो तो,
दिल मेरा डरता नहीं,
ये बेकरारी हुई हे जो दिल में,
आज से पेहले ना थी,
तुजसे हसीन तेरी कातिल अदाएं,
आज से पेहले ना थी...

राते हे गुजरी तेरी बाते करके,
निंदो का पेहरा नहीं,
पुछु में दिल से हुआ क्या हे इसको,
कुछ भी ये केहता नहीं,
हालत जो मेरी हे और मेरे दिल की,
आज से पेहले ना थी,
तुजसे हसीन तेरी कातिल अदाएं,
आज से पेहले ना थी...

कैसे मेहकने लगी ये हवाएं,
आज से पेहले ना थी,
तुमसे हसीन तेरी कातिल अदाएं,
आज से पेहले ना थी...

-Hariom agrawal



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