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आओ कुछ अल्फाज़ लिखें

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28 -Apr-2019 Naveen Kumar Mothers Day Poem 0 Comments  194 Views
आओ कुछ अल्फाज़ लिखें

खुद भूखी रह, निज हाथों से,
जिसने भरपेट खिलाया है ।
जो सिरहाने के पास जगी,
पर लोरी गा हमें सुलाया है ।।
आज कलम उस आँचल पे,
उस देवी का सम्मान लिखें ।
आओ कुछ अल्फाज़ लिखें ।।

आँख खोलकर सबसे पहले,
जिसको मित्र बनाया है ।
हँसकर, रोकर, उलट-पलटकर,
जिस आँचल में जीवन पाया है ।।
उस सर्वस्व समर्पण भावों का,
कलम, आज गुणगान लिखें ।
आओ कुछ अल्फाज़ लिखें ।।

हँसना, चलना, बातें करना,
जो उंगली थाम सिखाया है ।
मेरे एक अश्रु को जिसने,
सिर आँखों से लगाया है ।।
प्रथम शब्द जो मुँह से निकला,
कलम, वही आवाज लिखें ।
आओ कुछ अल्फाज़ लिखें ।।

नवीन कुमार
पुष्प विहार, नई दिल्ली
मोबाईल नं-9582296978



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