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आपदा और दान

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27 -Mar-2020 satyadeo vishwakarma Social Issues Poems 0 Comments  307 Views
satyadeo vishwakarma

आपदा और दान
सब्जी लेने मंडी कल जैसे ही पहुंचा जनाब,
होश मेरे उड़ गए भाव सुनकरके जनाब।
सब्जीवाले ने कहा समय सबसे बलवान है,
साहब ए कोरोंना अब सर्वशक्तिमान है।
आपदा के दौर मे इंसानियत दिखती नहीं ,
दुगुने दामो पर भी अब ए सब्जियाँ मिलती नहीं।
क्या करूँ मैं पेट कैसे पालूँ अब परिवार का,
खुदा ईश्वर,इशू,बंदे नाम सब बेकार का,
विपदा में धनवानों को अब दान करना चाहिए,
सभी धर्मस्थलों का धन बाहर निकलना चाहिए।
हाथ धोकर,घर में रहकर कोरोना भगा सकते हैं हम,
डिस्टेन्सिंग से ही आज ए दुनिया बचा सकते हैं हम।
सत्यदेव विश्वकर्मा



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