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आसमाँ से बरसता है जब पानी

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06 -Jan-2022 Swami Ganganiya Raining Season Poem 0 Comments  258 Views
आसमाँ से बरसता है जब पानी

आसमाँ से बरसता है
जब पानी
हमे याद आती है
बरसात की वो
बीति कहानी
हम थे और वो बरसात
का पानी
नन्हें पैरों से खेलती
वो लहरे
घर के आँगन का पानी
नदियाँ नही हे हमारे गाँव की
तलाब से बहकर निकलता
सड़कों पर जैसे नहर का पानी
हमे याद आती वो बीति
बरसात की कहानी
आसमाँ से जब बरसता है
जब पानी
कभी आसमाँ मे छाई घटा
देखकर झूम उठते
कभी चमकती बिजली को
देखकर सहम जाते
जैसे ठंड से हम काप
जाते
आज भी याद आती वो
बरसात की बीति कहानी
आज भी हम बरसात को देखकर
बीते लमहो मे कही गुम हो जाते
शयाद वो दिन फिर लौट आते
ये शोचकर हम खुश हो जाते
सवामी गंगानिया



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