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आया सुहाना बसंत (कवि-पियुष राज)

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19 -Mar-2018 Piyush Raj Basant Poem 0 Comments  312 Views
Piyush Raj

आया बसंत खिल गयी फुलवारी
जैसे सृंगार किये हों कोई नारी
पुलकित पुष्प,चहु ओर हरियाली
मंद मंद शीतल हवा लगे सबको प्यारी

रंग बिरंगे फूलो से महक उठी है बगिया
सरसो के खेत देखकर लागे
पीले दुप्पटे ओढ़ कर जैसे बैठी हो कोई दुलन्हिया

कोयल की कुक से झूम रही है हर डाली
सुगन्धित हवा बह रही करके सबको मतवाली

गीले शिकवे भूल कर पतझड़ का हुआ अंत
सबके दिलों को भाने वाला आया सुहाना बसंत

पियुष राज ,दुमका ,झारखंड
P79/21-01-18

आया सुहाना बसंत (कवि-पियुष राज)


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