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अब सब्र नही संघर्ष करना है...

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19 -Sep-2017 Aakash Parmar Motivational Poems 1 Comments  7,088 Views
Aakash Parmar

अब सब्र नही संघर्ष करना है,
भाग्य भरोसे न जीवन बितने देना है,
महज विडम्बनाएं है परिस्थिति की,
ये आने वाले उतार-चढ़ाव,
निरंतर बढ़ना है मंजिल को,
चाहे पैरों में पड़ जाए घाव,

कभी कोमल, तो कभी पथरीली होगी राहे,
कभी एहसास होगा खुशी का,
तो कभी निकलेंगी दर्द की आहें,
रुकना नही बीच पथ में तुझे,
निरंतर चलना है,
पाने मंजिल को तुझे,
अब सब्र नही संघर्ष करना है,
भाग्य भरोसे न जीवन बितने देना है ।

कभी सिखायेंगी गलतियां हमें,
तो कभी गिरायेंगी परिस्थितियां हमें,
कभी डूबा देगी दरिया में किसी,
तो कभी दिखाएंगी किनारा हमें,

संभाल लेना खुद को हर हालात में,
तुझे संभालने ना आएगा कोई,
महसूस करो जब अकेला खुद को,
आईना बताएगा, साथ है कोई,

इंतज़ार न साथ पाने का करना है,
अपनी लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ना है,
अब सब्र नही संघर्ष करना है,
भाग्य भरोसे न जीवन बितने देना है ।



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1 More responses

  • poemocean logo
    Sharad koparkar (Guest)
    Commented on 03-December-2018

    आपकी कविता सुनके होसला मिला है सर.

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