Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अब तो करो प्रहार

0
20 -Sep-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Terrorism poems 0 Comments  955 Views
Dr. Roopchandra Shastri Mayank

दोहे "अब तो करो प्रहार"

सीमाओं पर पाक का, बढ़ा सतत् उत्पात।
बद से बदतर हो रहे, दुश्मन के जुल्मात।१।
--
सैनिक अपने मर रहे, चिन्ता की है बात।
आँखें सबकी नम हुई, लगा बहुत आघात।२।
--
बन्द कीजिए पाक से, कूटनीति की बात।
बता दीजिए नीच को, अब उसकी औकात।३।
--
बाँटी हमने पाक को, अभी तलक खैरात।
सदा-सदा के लिए अब, उससे पाओ निजात।४।
--
आतंकी-कुख्यात को, मत करना विख्यात।
सुलह-सफाई-मित्रता, होती नहीं बलात।५।
--
निर्दोषों की मौत का, कर दो साफ हिसाब।
उसकी भाषा में उसे, दे दो आज जवाब।६।
--
सेना के जो शिविर में, छिप कर करते घात।
अब होनी ही चाहिए, उनकी नष्ट जमात।७।
--
आहत माँ-बहनें करें, मोदी आज गुहार।
रणभेरी की चाहिए, होनी अब हुंकार।८।
--
सहने की सीमा गयी, अब तो करो प्रहार।
गीदड़ की अब माँद में, घुस कर कर दो वार।९।

अब तो करो प्रहार


Dedicated to
URI Terrorist Attack

Dedication Summary
URI Terrorist Attack

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017