Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अगर कोई पड़ोसी मिले मेरे जेसा


Agar Koi Padosi Mile Mere Jaisa: The Hindi poem "If you find any neighbor like me" describe the life of a person living in the city far from his family for earning money for them. The poet have written that there are a lots of people living in your neighborhood which are far away from their home and family due to their family responsibilities. If you find any neighbor like this then make friend and give company to him.

05 -Aug-2018 Bipin verma City Poems 0 Comments  1,073 Views
अगर कोई पड़ोसी मिले मेरे जेसा


घर को आबाद करने निकला हूँ
पर खुद घर से बेघर हो चुका हूँ

मैं घर का ज़िम्मेदार लड़का हूँ
थोड़ा समझदार लड़का हूँ
घर का थोड़ा ज़िम्मा मुझपर भी है
इसलिए घर छोड़के निकला हूँ

बहुत ख़ुशनसीब होते हैं
वो लोग जो मिलके साथ रहते हैं
मुझ जैसे इस शहर में कई हज़ार रहते हैं

सब लाखों की भीड़ में अकेले फिरते हैं
अपना किसे कहें वो तो गाँव में रहते हैं

अगर कोई पड़ोसी हो तुम्हारा मुझ जैसा
तो उसे दोस्त बना लेना !!

अगर कोई पड़ोसी हो तुम्हारा मुझ जैसा
तो उसे अपना बना लेना
घर में न सही तो दिल में जगह दे देना

कभी महफ़िल सजे तो उसे भी बुला लेना

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