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ए हिंदी तू चिंता न कर ।

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11 -Sep-2018 anuradha thalor Mother Tongue Hindi Poem 1 Comments  741 Views
anuradha thalor

ए हिंदी तू चिंता न कर ।
कुछ लोग बोलेंगे तुझे हिंदी दिवस पर
कि तू है विलुप्त होने के कगार पर
तू एक काम कर ,उन्हे मेरी राह दिखाकर
कह उनसे, कि मिले मुझसे ,अपनी चिंता को पार कर ।
तू मेरी नजर से देख
तू आज भी हिन्दुस्तानियों की दिलो की जान है
तू आज भी बे रोक टोक बोली जाने वाली जुबान है ।
ए हिंदी तू चिंता न कर ।

तुझे मैंने परदेश मे भी सुना है
तुझे बोलकर मैंने नए रिश्तों को बुना है
तू देश की आदत है
तू शायरी की इबादत है
तू अचानक मुँह से निकला अबे ओय, ओ तेरी है
तू हिन्दुस्तानी सपनों की झोली है
तू नेताओं की बोली है ।
ए हिंदी तू चिंता न कर ।

तू बच्चों की हँसी ठिठोली है
तू अंग्रेजी माहौल में खिलखिलाहट की होली है
तू हर गली के नुक्कड़ पर पान की गिलौरी है
तू हर हिन्दुस्तानी बच्चे की लौरी है
तू धीरे से कान मे कही जाने वाली बुदबुदाहट है
तू बंद शीशे की गाड़ियों मे बोली जाने वाली गालियों की गड़गड़ाहट है ।
ए हिंदी तू चिंता न कर ।

तू वाट्सएप के हर दूसरे मैसेज की शान है
तू हिन्दुस्तानी सोच की उड़ान है।
तू हर चिलमचिली के बाद निकली भड़ास है
तू सबकी उम्मीद सबकी आस है
तू टूटी-फूटी ही सही पर हर प्रांत की जुबान है
तू हिंदी और हम हिन्दुस्तानी, तू हमारी शान है
ए हिंदी तू चिंता न कर ।।



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1 More responses

  • anuradha thalor
    Anuradha thalor (Registered Member)
    Commented on 14-September-2018

    Thank you.

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