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ऐसा हो हर घर परिवार....!!!

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17 -Nov-2018 pravin tiwari Family Poems 0 Comments  714 Views
ऐसा हो हर घर परिवार....!!!

डांट, प्रेम, और अनुशासन से,
बनता है परिवार....

मात पिता और‌ बुजुर्गो का,
जहां होता हो सम्मान.....

बडे बुजुर्गो के अनुभवों का,
जिसमें होता हो संचार.....

पिता की गैरमौजूदगी में,
बड़े भाई में छलके पिता का प्यार.....

बहन की आंखों में दिखे,
जहां मां जैसा दुलार.....

सास मानें बहू को बेटी,
और बहू करें सास से मां जैसा व्यवहार.....

उस घर में खुशीयों की,
रहती सदा बहार.....

जब हो हर घर में,
ऐसा परिवार.......!!!

प्रविण.........



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