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अकेली सी जिंदगी

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10 -Feb-2019 Sunil Sharma Relationship Poems 0 Comments  272 Views
अकेली सी जिंदगी

अकेली सी जिंदगी

आजकल ना जाने क्यूँ
जिंदगी अकेली सी है ।
सब कुछ होते हुए भी
चेहरे से उड़ी ख़ुशी है ।
आज रिश्तो में सच्चाई कम
बनावट की कली सी है ।

सब अपने साथ है मगर
रिश्तो में बड़ी दूरी है ।
इस दूरी को मिटा पाएंगे
ये एक पहेली सी है ।
आजकल ना जाने क्यूँ
जिंदगी अकेली सी है ।

पैसे कमाने की चाह में
गुजर रही जिंदगी है ।
जाने अनजाने क्या खो रहे
समझ से परे की चीज है ।
आजकल ना जाने क्यूँ
जिंदगी अकेली सी है ।

झूट बोलना, धोखा देना
सत्रहवीं कला सी है ।
फेसबुक, व्हाट्सप, आदि में
सिमट गयी जिंदगी है ।
आजकल ना जाने क्यूँ
जिंदगी अकेली सी है ।

जीवन शैली में सुधार की
आज जरूरत सी है ।
रिश्तो में आयी दूरी को
मिटाने की जरूरत सी है ।
रिश्तो में विश्वास पैदा
करने की जरूरत सी है ।


सुनील



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