Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Akhiri Pal

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19 -Mar-2016 Vipul Yaduvanshi Farewell Poems 0 Comments  2,719 Views
Akhiri Pal

Ye chehre Jo darmiyan hai mere ho sakta hai kal badal jayenge...
Bheegti ankho se ye shayad saaf najar nahi aayenge...
Naa hogi woh thand ki dhup,naa hogi woh garden ki masti...
Naa hogi woh selfie ki jung,naa hogi tum yaaro jesi hasti...

Woh ladkio ka secret woh washroom me jaana...
Har lecture ke baad apne baalo ka banaana...
Ab naa milega hume woh awww ko sunna...
Naa milegi ab hum saari naa hoga sang khwabo ka bunna....

Woh ladko ke pange,woh chote chote dange...
Kaiyo ki thi girl friends,kai akele Hi the change...
Woh single ladko k group ka canteen me jaana...
Woh Teri Bhabhi,woh meri Bhabhi keh k har ladki ko dikhana....

Ab woh pichla bench class ka sunaa reh jayega,
woh chup chup k lecture me waha khana kon khayega....
Woh teacher ki baato se Ruth k gussa kon dikhayega,
ab naa jaane kon hume class se bhagayega....

Woh kisi ka guitar,woh kisi ki body..
Woh koi masoom,woh koi naughty....
Jesa bhi tha koi,in bheegti ankho me ek Ansu ban jayega...
Naa jaane ab kese koi bunk par jayega...

Ab bichad rahe ho toh muskura k jaana...
Khush reh sakte ho tum hmare bina ye btaa k jaana...
In ansuo ko rok lo,naa behne do yuhi gum me...
Yahi toh pal hai aao jeele hum aap me or aap hum me...

Ek Khushi hai mujhko tumhare aage badh jaane ki...
Dost bichad jaate hai fitrat hai ye zamaane ki...
Ab khud ko sambhalo,thoda muskura lo...
Aao aaj is akhiri pal ko puri zIndaGi k liye apna bana lo....

Aao aaj is akhiri pal ko puri zIndaGi k liye apna bana lo....



आखिरी पल

ये चेहरे जो दरमियाँ है मेरे हो सकता है कल बदल जाएँगे...
भीगती आँखो से ये शायद साफ़ नज़र नही आएँगे...
न होगी वो ठंड की धूप,न होगी वो गार्डन की मस्ती...
न होगी वो सेल्फी की जुंग,न होगी तुम यारो जैसी हस्ती...

वो लड़कियों का सीक्रेट वो वॉशरूम में जाना...
हर लेक्चर के बाद अपने बालों का बनाना...
अब न मिलेगा हमें वो आउउउ (awww) को सुनना...
न मिलेंगे अब हम सारे, न होगा संग ख्वाबो का बुनना....

वो लड़कों के पंगे, वो छोटे छोटे दंगे...
कइयों की थी गर्ल फ्रेंड्स, कई अकेले ही थे चेंज...
वो सिंगल लड़कों के ग्रूप का कॅंटीन मे जाना...
वो तेरी भाभी,वो मेरी भाभी कह के हर लड़की को दिखाना ...

अब वो पिछला बेंच क्लास का सूना रह जाएगा,
वो छुप छुप के लेक्चर में वहां खाना कौन खाएगा....
वो टीचर की बातो से रूठ के गुस्सा कौन दिखाएगा,
अब न जाने कौन हमें क्लास से भगाएगा....

वो किसी का गिटार, वो किसी की बॉडी..
वो कोई मासूम, वो कोई नॉटी....
जैसा भी था कोई, इन भीगती आँखो मे एक आँसू बन जाएगा...
न जाने अब कैसे कोई बंक पर जाएगा...

अब बिछड़ रहे हो तो मुस्कुरा के जाना...
खुश रह सकते हो तुम हमारे बिना ये बता के जाना...
इन आँसुओ को रोक लो, न बहने दो यूँ ही गम में...
यही तो पल है आओ जी लें हम आप में और आप हम में...

एक खुशी है मुझको तुम्हारे आगे बढ़ जाने की...
दोस्त बिछड़ जाते है फ़ितरत है ये ज़माने की...
अब खुद को सम्भालो, थोड़ा मुस्कुरा लो...
आओ आज इस आख़िरी पल को पूरी ज़िन्दगी के लिए अपना बना लो....
आओ आज इस आख़िरी पल को पूरी ज़िन्दगी के लिए अपना बना लो....


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