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अल्फाज़

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19 -Nov-2021 Madhu God Poems 0 Comments  102 Views
Madhu

अल्फाज़ नहीं हैं पास मेरे,

कैसे मैं तारीफ करूँ तेरी, ऐ ख़ुदा।

आसमां से लेकर जमीं तक,

जिधर नज़र फेरूं तू ही तू है खुदा।

मिलती है खुदा की रहमत,

बन्दों से क्या मांगे ?

हाथ मेरे ऊपर उठें,

तेरी दुआ मांगने के लिए।

मेरी नज़र सदा उठे,

तेरा दीदार पाने के लिए।


रखना सदा मुझपर,

रहमत ऐ परवर दिगार।

तुझको सलाम है मधु का,

रास्ता दिखा दे जन्नत का,

झोली पसारकर खड़ी हूँ ,

तेरी रहमत पाने के लिए।

Madhu

Fremont CA



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