Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अनपढ़ है तो जंगल में कैसे आया ?

0
11 -Feb-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Forest Poems 0 Comments  1,041 Views
DINESH CHANDRA SHARMA

व्यंग कविता -
अनपढ़ है तो जंगल में कैसे आया ?
================
एक शिकारी को सेनापति चीते ने बंदी बनाया |
जंगल के राजा शेर के पास लाया ,
उसने बतलाया |
“महाराज , यह दुष्ट जंगल में
बन्दूक लेकर झूम रहा था |
शिकार की ताक में घूम रहा था |”
शेर ने धमकाया -
“तुझे जगल के बाहर लगा बोर्ड नज़र नही आया |
जिसके निर्देशों का है सार |
प्रतिबंधित है शिकार |”
शिकारी डर के मारे थर्राया |
हाथ जोड़ कर गिडगिडाया –
“महाराज अनपढ़ हूँ ,
बोर्ड पर लिखे निदेश नहीं पढ़ पाया |
भूलबश जंगल में चला आया |
क्षमा कर दें श्रीमान |
भविष्य में रखूंगा ध्यान |”
शेर ने सवाल उठाया _
अनपढ़ है ..तो जंगल में कैसे आया ?
कैसे तूने यहाँ आने का अनुज्ञा पत्र पाया ?
जंगल में तो सारे जीव रहते हें शिक्षित |
अपने पर्यावरण को करते हें संरक्षित |
नगरों में रहते हें लोग अशिक्षित |
तभी तो पर्यावरण को करते हें दूषित |
डांटकर बोला –“क्षमा करता हूँ ,
सीधे घर जाना |
अगर जंगल में आना हो,
तो शिक्षित होकर आना |
+++++++++++



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017