Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अंतर्दर्शन

0

अंतर्दर्शन / Antadarshan (Insight): Why various types of natural disasters like corona virus (Covid-19) occurs. This poem states the possible reasons for these types of natural disaster.

25 -Mar-2020 Abbas Bohari Natural Disasters Poems 0 Comments  104 Views
Abbas Bohari

अकारण नही आती इंसान पर मुसीबतें
आओ ढूंढे किस कारण हो रही फ़जियतें

भूलाकर सारे मानवीय मौलिक सिद्धान्त
कुचले परिवेश करके उपेक्षा सारे विधान्त

बढ़ती आबादी करती रही निसर्ग पर अत्याचार
कितना सहेगी धरती भार ना किया सोच विचार

हरियाली के विनाश से बिगाड़ा सारा संतुलन
विषैली वायुओं से ढंक दिया बिना आकलन

फ़ैलाकर क्रोध लोभ माया जैसी हवाएं गर्म
समझ बैठा खुदको ख़ुदा भुला अपना धर्म

वंचितों का मारकर हक़ बन गए कई अमीर
कौड़ियों के मोल बेच खाये अपने ज़मीर

सदियों से भोग रहा दरिद्र कृत्रिम आपदा
क़ुदरत की लीला अब धनवान भोगे विपदा

कुछ पल ठहरकर अंतर्दर्शन की ज़रूरत बस
मान ले ईश्वर के आगे नही तेरा रत्ती भर बस

वक़्त आ चुका सुधार ले अपनी जीवन शैली
पश्चाताप के आँसू से धो ले अपनी चादर मैली

लौटाकर हक़दारों का नाहक़ गबन किया माल
भुलाकर सारे विवाद चल मिलाकर कदम ताल

नाशवान दुनिया को अंत समय दे रहा दस्तक
झुका ले मालिक के आगे तेरा मग़रूर मस्तक

अब्बास भी जान लेगा लक़ीर पार की सच्चाई
पालनहार रखना बाकी जो कुछ की यहां भलाई



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017