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अपने पिया घर चली

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29 -Jul-2019 PAWAN Wedding Poems 0 Comments  408 Views
अपने पिया घर चली

नन्ही परी जब डोली में बैठ अपने पिया घर चली ,
माँ-बाप के आँखों में आँसू , चेहरे पर दिखावी हॅसी ,
कैसी प्रथा तूने बनायीं बनाने वाले ,, कैसी बनाई
बेटी भी रोती , सब संगे भाई-बहने भी रोते । .....

माँ -बाप की दुलारी चली अपने पिया के घर ,
सब अपने रिश्ते छोड़ नए रिश्ते बनाने चली ,
पिया घर कैसा होगा , सब चिंताए लेकर चली
अपना सब कुछ छोड़ , नया घोंसला बनाने चली
पिया घर चली,,, नया संसार शुरू करने चली। ..


जो थी दिल का टुकड़ा माँ-बाप का , आज हुआ पराया,
अपने पिया घर को अपने प्यार से सजाने चली ,
उधर के सभी रिश्ते को अपना बनाने चली ,
चिंताए अनेको दिल में घेरे मगर पिया घर अपना बनाने चली


बेटी ! चिंता मत कर तुझे उधर भी अपने ही माँ-बाप मिलेंगे ,
जेठ के रूप में भाई मिलेगा , भाभी के रूप में बहन मिलेगी
नन्द के रूप में सहेली मिलेगी , सब ही रिश्ते मिलेंगे ,,
तुझे तेरे पिया का पूर्ण रूप से प्यार मिलेगा ,
तुम दोनों की जोड़ी कृष्ण और राधा जैसी होगी !!!


बेटी ! हमें भूल मत जाना , हम भी तेरे माँ-बाप है
तेरी भी कोई बहन और भाई है , तेरे भी रिश्ते है
तुझे सारे सुख मिले , कभी दुखों का साया भी ना आये
हमेशा चेहरे पर असली वाली ख़ुशी हो , हमेशा हसती रहे ,


नन्ही परी कब बड़ी हो गयी , पता ही नहीं चला
अब तो बस डोली बैठ अपने पिया घर चली,
पिया घर चली



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