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आशा की किरण फैलाते रहो.

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30 -Jul-2020 Dev Maurya Spiritual Poems 0 Comments  95 Views
आशा की किरण फैलाते रहो.

आशा की किरण फैलाते रहो,
इस जग में सदा जगमगाते रहो!!
हौसले हो बुलंद- बुलंद फैसले हो अडिग
यूहीं आगे कदम तुम बढ़ाते रहो!!
डर और भय से न हो कोई नाता तुम्हारा,
सच्चाई की राह पे आगे बढ़ते रहो !!
आशा की किरण फैलाते रहो
इस जग में सदा जगमगाते रहो!!
कदम तुम्हारे न डगमगाए कभी,
संकोच मन में न आये कभी!!
वक़्त का साथ थामे यूँही चलते रहो,
आशा की किरण फैलाते रहो!!
इस जग में सदा जगमगाते रहो!!
परिस्थितयों के आगे न झुकना कभी,
न थकना कभी, न रुकना कभी,
परिश्रम का दामन तुम थामे रहो,
आशा की किरण फैलाते रहो!!
इस जग में सदा जगमगाते रहो!!!
सरल,शिष्ट, आचरण हो तुम्हारा
आदर सद्भाव हो सबके प्रति,
क्रोध से कोई नाता न रखना कभी
आशीष बड़ो का तुम पाते रहो,
आशा की किरण फैलाते रहो!!
इस जग में सदा जगमगाते रहो!!!



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