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बच्चो की परिभाषा

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24 -Nov-2018 सुमित.शीतल Kids Poem 0 Comments  158 Views
सुमित.शीतल

नमस्कार, नमस्ते मित्रो,

छोटे-छोटे प्यारे-प्यारे नन्हे मुन्ने राज दुलारे,
जो हैं अपने माता-पिता की आंखों के तारे।
ये वो नन्हे फूल है जो लगते भगवान को प्यारे,
इनके बिना परिवार लगते आधे-अधूरे सारे।
इन मासूमो के लिए कोई गैर नही,
इन सच्चो का किसी से बैर नही।
आम खाना इनको खूब भाता,
इनका सबसे प्यार का है नाता।
इनकी मुठ्ठी में सबका हाथ,
ये चाहते सदा सबका साथ।
इनके लिए सब समान,
बड़े होकर बनेगे ये देश की शान।
ये वो है नन्हे-नन्हे फूल,
जो पढ़ने जाते कॉलेज और स्कूल।
ये है हमारे भविष्य के तारे,
करेगे नाम बड़े होकर रोशन हमारे।

समाप्त

tc.


सुमित.शीतल



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