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Bachpan ( बचपन )

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12 -Oct-2018 Archie Childhood Poems 0 Comments  306 Views
Bachpan ( बचपन )

*_Bachpan_*


उल्टे पैरों में
चप्पल पहनना
हर किसी को याद होगा
माँ के हाथों वाला
मीठा करेला
हर किसी को याद होगा
डाँट के आभास से
कोने में छिपना
हर किसी को याद होगा ही।

वक्त का मतलब
तो बस घड़ी का
मोटा काँटा होता था
याद तो होगा हीं।

सकैड़ का काँटा
हर बार गिनती भुलाया था

सवा और पौने
आपको कितना सताता था
याद तो होगा हीं।

बचपन तो बचपन था
सबको थोड़ा बहुत याद होगा हीं।।।।

---- *___Archana_*



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