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बदल जाती है किस्मत।

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24 -Jul-2016 Astha gangwar Sad Poems 0 Comments  1,125 Views
बदल जाती है किस्मत।

बदल जाती है किस्मत जब कोई न साथ देता है

जिन्हे अपना समझते है वही दुत्कार देता है

मैने उनके लिए अपनी जिन्दगी कुर्बान कर दी

पर उन्होने मुझे फिर भी अहमियत न दी

अपनो को अपना समझकर मैंने दिल लगाया

अपनो ने मेरे दिल को खिलौना पाया

खिलौना समझकर मेरे दिल को कितना सताया

दिल की चोट सहने को साहस चाहिए होता है

बदल जाती है किस्मत जब कोई न साथ देता है

दिल की चोट सहकर भी मैंने उन्हें अपना कहा

पर उनका सिलसिला यूंही चलता रहा

अपनो ने मेरे दिल को कितनी गहरी चोट दी

फिर भी मैंने उस चोट को भुलाने की कोशिश की

मेरा दिल ये सब सहन न कर पाया

मैंने अपने दिल को सिलसिला-ए-ढांढस बंधाया

एक दिन मेरे अपने ही मुझे अपना समझेगे

बस मेरे दिल यूंही हौसला रखना पङता है

बदल जाती है किस्मत जब कोई न साथ देता है

जिन्हे अपना समझते है वही दुत्कार देता है।

-आस्था गंगवार



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