बदलता दौर...

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Badalta Daur : Here is the one of the best hindi poem on changing trend in Indian culture. This poem describe the effect of urbanisation on our Indian culture. Due to urbanisation many modern cities have been developed. In these cities peoples work hard to earn living for their family. They have no time to meet and spend sometime with their neighbourhood. The life in cities are totally different from the villages. Now Kids remain busy in playing game on mobiles instead of playing outdoor games like cricket. This hindi poem describe these changing trends.

02 -Dec-2017 Piyush Raj Culture Poems 0 Comments  76 Views
Piyush Raj

बदलता दौर

कभी खेलते थे हम उस हरे भरे मैदान में
आज उस मैदान का नामोनिशान नही है
बड़े बड़े वहां अट्टालिकाएं तो बन गयी
पर रहने के लिए कोई इंसान नही है

अब बच्चे मैदानों में खेलते दिखते नहीं
ये हमारे देश के बच्चो का निशान नही है
अब सभी मोबाइल में ही खेलने लगे क्रिकेट
ये सब देखकर भी अब कोई हैरान नही है

बड़े-बुजुर्ग के पांव छूने भूल रहे है बच्चे
ये देखकर भी आज कोई परेशान नही है
किधर जा रही है हमारी संस्कृति
ये हमारे देश की पहचान नही है

वो कागज़ की कश्ती और बारिश का पानी
ये तो हो गयी है अब बाते पुरानी
वो गिल्ली डंडा और पकड़म पकड़ाई
ये तो बन गयी अब बीते दौर की कहानी

चारदीवारी में सिमट गई है दुनिया
किसी पड़ोसी से जान-पहचान नही है
नकाब पे नकाब चढे है हर चेहरे में
पैसों के खातिर कोई ईमान नही है

इस बदलते दौर में कहीं छूट ना जाए
अपना वो खुशहाल घर परिवार
बदलती है दुनिया बदलने दो उसे
अपनी संस्कृति मत भूलना मेरे यार

© पियुष राज
दुमका,झारखंड
M- 9771692835
P75/02-12-17




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