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बहुत दूर चली जाऊंगी

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27 -Oct-2017 Akanksha Pandey Love Poem 0 Comments  2,585 Views
बहुत दूर चली जाऊंगी

❤ये रात भी जब आती है तेरी यादों की बारात साथ लाती है।

तुम भी खामोश से हो कुछ बात ही नही करते।।
काश की ये मोह्ब्बत भी हम करते उम्र भर,मगर कभी इसका इजहार न करते ।
अगर मोहब्ब्त होती मेरी किस्मत में तो तुम खुद आते मेरे पास ।।
हम भी ऐसे ही रूठने की कोशिश करते..एक दिन जब हम न होंगे तो,मोहब्ब्त याद आएगी ।
मगर तब ये रात याद रखना कोई और भी ऐसे ही रोकर सोया था।।
.उसने कितना मनाया था ,मगर हम जैसा मोहब्बत करने वाला रोज नही मिलता।
इस बेवफा दुनिया मे वफादार नही मिलता ,आज गुमान है तुम्हे अपने रिश्तों पर।।
लेकिन यही एक शख्श तुम्हारी यादों में शामिल हो जाएगा,जब भी कोई मुस्कुराएगा तो ।
याद बस यही शख्श आयेगा ,इतनी यादे भर देगे ज़िन्दगी में तुम्हारी ।।
कि एक यादों का घर बन जायेगा,हमने तो बस वफ़ा की है तुमसे ।
मगर कुछ तो ख़ता कर के जायेगे,जब भी किसी और से दिल लगाओगे ।
उस रात तुम भी सूकून से सो नही पाओगे,हमने तो जी ली अपने हिस्से की ज़िंदगी।
मग़र जब हम नही होंगे तो मेरी यादों से प्यार भले ही न करना ।
लेकिन कभी अपनी चाहत और यादों से आज़ाद न करना,
दुआ बस यही है कि मेरी मुस्कुराहट तुमको मिल जाये ।
तुम्हारे हिस्से के गम मुझे मिल जाये
बस दिल से जुदा न करना ।।

युवा कवयित्री -आकांक्षा पाण्डेय
आज़ाद नगर हरदोई (उत्तर प्रदेश)



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