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बारिश होगी कल

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12 -Feb-2018 Vikram Gathania Miscellaneous Poems 0 Comments  119 Views
बारिश होगी कल

बारिश होगी कल

बादलों की हल्की छाया तले
अलसाया हुआ सब
ठंड के आगोश में
अनमना सा करता हुआ यह सब
ठहरा हुआ सा दिन है!

धुंधलके में इसमें
खरगोश कोई खेत चर रहा होगा
कुछ स्पष्ट नजर आता नहीं है
फिर भी एक बात इसमें
बारिश होगी कल!

विक्रम गथानिया



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