Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

लेकर चल मुझे कहीं दूर

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24 -Mar-2021 Keshav Basant Poem 0 Comments  196 Views
लेकर चल मुझे कहीं दूर

लेकर चल मुझे कहीं,दूर ख्वाब हो अपना सा,दिल की किताब हो अपना। मैं भी हूं-सनम तू भी है,शहर भी है,इश्क है तो चाहतों का असर भी है।। तुमने मेरा गुलाब लेकर ऐसे नजर मिलाई,साथियां पानी में प्यास जगाई। आज तो तुम-आज तो मैं,इश्

पुटभेद छंद "बसंत-छटा"

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15 -Mar-2021 Naman Basant Poem 0 Comments  95 Views
पुटभेद छंद

पुटभेद छंद "बसंत-छटा" छा गये ऋतुराज बसंत बड़े मन-भावने। दृश्य आज लगे अति मोहक नैन सुहावने। आम्र-कुंज हरे चित, बौर लदी हर डाल है। कोयली मधु राग सुने मन होत रसाल है।। रक्त-पुष्प लदी टहनी सब आज पलास की। सूचना जिमि देवत आ

चंचला छंद "बसंत वर्णन"

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15 -Mar-2021 Naman Basant Poem 0 Comments  40 Views
चंचला छंद

चंचला छंद "बसंत" वर्णन" छा गयी सुहावनी बसंत की छटा अपार। झूम के बसंत की तरंग में खिली बहार।। कूँज फूल से भरे तड़ाग में खिले सरोज। पुष्प सेज को सजा किसे बुला रहा मनोज।। धार पीत चूनड़ी समस्त क्षेत्र हैं विभोर। झूमते बय

वसंत के हस्ताक्षर

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06 -Feb-2021 Dr Sushil sharma Basant Poem 0 Comments  328 Views
वसंत के हस्ताक्षर

वसंत के हस्ताक्षर डॉ सुशील शर्मा टेढ़ी तापड़ी आँगन में उगी दूब गदबदाता बौराता आम का विरबा गुनगुनी धूप में माँ का अचार डालना पिताजी का पेपर पढ़ना मेरी पीठ पर तुम्हारी वो पारी सी च्यूँटी। वसंत के हस्ताक्षर सी। शहर क

लो वसंत अब आ गया !

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03 -Feb-2020 nil Basant Poem 0 Comments  807 Views
लो वसंत अब आ गया !

लो वसंत अब आ गया ! हर ऋतु के तेवर अलग ,अलग अलग पहचान कोई डंडे भाजती ,कोई फूंके प्राण पतझर के पतझार ने ,जो बोए विष बीज हर उपवन हर शाख पर,खीज खीज बस खीज लो वसंत अब आगया ,फूंक दिए हैं शंख धरा गगन कण कण खिला,लगे अनूठे पंख फूलो

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